Paryayvachi Shabd – पर्यायवाची शब्द | उदाहरण

 

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा:

‘पर्याय’ का अर्थ है- ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है- ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं।


इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है।

समान अर्थवाले शब्दों को ‘पर्यायवाची शब्द’ या समानार्थक भी कहते है।


जैसे- सूर्य, दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु, दिनेश- इन सभी शब्दों का अर्थ है ‘सूरज’ ।
इस प्रकार ये सभी शब्द ‘सूरज’ के पर्यायवाची शब्द कहलायेंगे।

पर्यायवाची शब्द को ‘प्रतिशब्द’ भी कहते है। अर्थ की दृष्टि से शब्दों के अनेक रूप है; जैसे- पर्यायवाची शब्द, युग्म शब्द, एकार्थक शब्द, विपरीतार्थक शब्द, समोच्चरितप्राय शब्द इत्यादि।


किसी भी समृद्ध भाषा में पर्यायवाची शब्दों की अधिकता रहती है। जो भाषा जितनी ही सम्पत्र होगी, उसमें पर्यायवाची शब्दों की संख्या उतनी ही अधिक होगी। संस्कृत में इनकी अधिकता है। हिन्दी के पर्यायवाची शब्द संस्कृत के तत्सम शब्द है, जिन्हें हिन्दी भाषा ने ज्यों-का-त्यों ग्रहण कर लिया है।

यहाँ एक बात ध्यान रखने की यह है कि इन शब्दों में अर्थ की समानता होते हुए भी इनके प्रयोग एक तरह के नहीं हैं। ये शब्द अपने में इतने पूर्ण हैं कि एक ही शब्द का प्रयोग सभी स्थितियों में और सभी स्थलों पर अच्छा नहीं लगता- कहीं कोई शब्द ठीक बैठता है और कहीं कोई। प्रत्येक शब्द की महत्ता विषय और स्थान के अनुसार होती है।

कुछ विशिष्ठ पर्यायवाची शब्द नीचे दी जा रही है-

पर्यायवाची शब्दों के उदाहरण:

( अ )

अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
अमृत- सुरभोग सुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक ।
अग्नि- आग, ज्वाला, दहन, धनंजय, वैश्वानर, रोहिताश्व, वायुसखा, विभावसु, हुताशन, धूमकेतु, अनल, पावक, वहनि, कृशानु, वह्नि, शिखी।
अनुपम- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अनूठा, अद्वितीय, अदभुत, अनन्य।
अर्थ- हय, तुरङ, वाजि, घोडा, घोटक।
असुर-यातुधान, निशिचर, रजनीचर, दनुज, दैत्य, तमचर, राक्षस, निशाचर, दानव, रात्रिचर।
अलंकार- आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर।
अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड, मान।
अहंकारी- गर्वित, अकडू, मगरूर, अकड़बाज, गर्वीला, आत्माभिमानी, ठस्सेबाज, घमंडी।
अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
अर्थ- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।
अश्व- हय, तुरंग, घोड़ा, घोटक, हरि, तुरग, वाजि, सैन्धव।
अंधकार- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा, तमस, अंधियारा।
अंग- अंश, अवयव, हिस्सा, संघटक, घटक, उपादान, खंड, भाग, टुकड़ा, शरीर, तन, देह, गात, गात्र।
अभिमान- अस्मिता, अहं, अहंकार, अहंभाव, अहम्मन्यता, आत्मश्लाघा, गर्व, घमंड, दर्प, दंभ, मद, मान, मिथ्याभिमान।
अरण्य- जंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन।
अनी- कटक, दल, सेना, फौज, चमू, अनीकिनी।
अनादर- अपमान, अवज्ञा, अवहेलना, अवमानना, परिभव, तिरस्कार।

Read Full 

Comments

Popular posts from this blog

UP Board Class 12 History Model Paper Sample Papers 2021

RBSE Solutions for Class 9 Information Technology

Hindi Numbers 1 to 100